चांदी की ईंट दान करने वाले कारोबारी ने भी जांच टीम को बताया पूरा घटनाक्रम, कई अहम तथ्यों की हो रही पड़ताल
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा और दान सामग्री से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। शनिवार को जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें मंदिर से जुड़े संत-महंत, दानदाता और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए गए। जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण खुलासा तब सामने आया जब एक महंत ने SIT को बताया कि मंदिर में भेंट स्वरूप प्राप्त हार और चरण पादुका उन्होंने टिन्नू यादव को सौंपे थे। वहीं चांदी की ईंट दान करने वाले कारोबारी ने भी जांच एजेंसियों के सामने अपनी बात रखी और पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की।
राम मंदिर में चढ़ावे और दान सामग्री के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद गठित SIT पिछले कई दिनों से लगातार जांच कर रही है। टीम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों, कर्मचारियों और दानदाताओं के बयानों को रिकॉर्ड कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि मंदिर में प्राप्त कीमती वस्तुएं, नकदी और अन्य दान सामग्री का प्रबंधन किस प्रकार किया गया।
जांच के दौरान SIT ने महंत से सवाल किया कि मंदिर में चढ़ाए गए हार और चरण पादुका किसे दिए गए थे। इस पर महंत ने बयान दिया कि उन्होंने यह सामग्री टिन्नू यादव को सौंपी थी। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि उक्त सामग्री बाद में कहां गई और उसका रिकॉर्ड किस प्रकार रखा गया। इस बयान को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे दान सामग्री की आवाजाही की कड़ियां जुड़ सकती हैं।
उधर, चांदी की ईंट दान करने वाले कारोबारी को भी SIT ने पूछताछ के लिए बुलाया। कारोबारी ने जांच अधिकारियों को बताया कि उन्होंने धार्मिक आस्था के तहत मंदिर में चांदी की ईंट दान की थी। उन्होंने यह भी बताया कि दान के समय क्या प्रक्रिया अपनाई गई और किन लोगों की मौजूदगी में यह दान मंदिर प्रशासन को सौंपा गया था। कारोबारी के बयान को भी जांच में अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि दान की गई बहुमूल्य वस्तुओं का दस्तावेजी रिकॉर्ड किस प्रकार रखा गया।
सूत्रों के मुताबिक SIT दान सामग्री के रखरखाव, रिकॉर्ड और वितरण से जुड़े दस्तावेजों का भी मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं दान सामग्री के संग्रहण और रिकॉर्डिंग में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता तो नहीं हुई। इसके लिए मंदिर प्रशासन से संबंधित कई दस्तावेज और रजिस्टर भी खंगाले जा रहे हैं।
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे और दान सामग्री से जुड़े किसी भी विवाद को अत्यंत गंभीरता से देखा जा रहा है। जांच शुरू होने के बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी दल लगातार पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है और सभी तथ्य सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
SIT अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल अयोध्या का यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। श्रद्धालुओं और आम लोगों की नजर अब SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान और चढ़ावे से जुड़ी वस्तुओं के प्रबंधन में कहीं कोई अनियमितता हुई थी या नहीं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

