डेल्टा से खतरनाक है एमयू वेरिएंट, डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी

आईआईएमटी न्यूज डेस्क, ग्रेटर नोएडा



कोरोना वायरस के एमयू वेरिएंट से दुनिया के कई देशों में दहशत का माहौल बन गया है। डब्ल्यूएचओ ने 30 अगस्त को इस वेरिएंट को वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की लिस्ट में शामिल किया है। इस वेरिएंट को सबसे खतरनाक बताया गया है। इसका प्रभाव काफी तीव्रता से फैलता है। अब तक लाखों लोग इसकी चपेट में आ चुके है। पहले इसको बी1.621 के नाम से जानते थे। एक्सपर्ट ने बताया कि इसको सबसे पहले जनवरी 2021 में दक्षिण अमेरिका के कोलंबिया में देखा गया था।
दरअसल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वेरिएंट्स को दो भागों में विभाजित किया है। जिनमें वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट और वेरिएंट ऑफ कंसर्न है। वेरिएंट ऑफ कंसर्न में भारत के कई वेरिएंट शामिल है। इसके अंतर्गत आने वाले वेरिएंट से आनुवांशिक परिवर्तन के बारे में जानकारी होती है। दरअसल इन वेरिएंट से जुड़े मरीजों में कम खतरा होता है। जबकि वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट आत्मघातक साबित होता है। जानकारी के अनुसार एमयू वेरिएंट वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट में 5वीं कैटेगरी में आता है। इसके अलावा एटा, ओटा, कप्पा और लैम्ब्डा वेरिएंट आते है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के मुताबिक वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट कभी भी वेरिएंट ऑफ कंसर्न में बदल सकता है। इन्हें सबसे खतरनाक म्यूटेंट्स माना गया है। ये वेरिएंट तेजी से फैलता है। दुनियाभर में लाखों लोगों की इससे मौत हुई है। यह तेजी से वैक्सीन के प्रभाव को कम करने सक्षम है, व्यक्ति की इम्यूनिटी को भी कम कर देता है।
वेरिएंट ऑफ कंसर्न में चार वेरिएंट को रखा गया है और ये हैं, अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा। भारत समेत 170 देशों में इनका प्रभाव देखा जा सकता है बता दें कि एमयू कोरोना का नया वेरिएंट है। इसका प्रभाव इतना खरतनाक है कि लगने वाले कोविड रोधी टीकाकरण को भी मात दे सकता है। गुरूवार तक 47 देशों ने बी1.621 और बी1.621.1 सहित कुल 6 हजार के लगभग मामले देखे गए थे। अधिकतर इसके केस संयुक्त राज्य अमेरिका में मिले थे।