बाढ़ की चपेट में आने वाले मध्यप्रदेश के इस गांव की दास्तां खड़े कर देगी आपके रोंगटे

आईआईएमटी न्यूज डेस्क, ग्रेटर नोएडा



बीते दिनों देश की कई राज्य बाढ़ से काफी प्रभावित हुए। इनमे पहला नाम आता है मध्यप्रदेश का। राज्य में सिंध, चंबल, पार्वती और शीप नदी का कहर देखने को मिला था। बाढ़ के दौरान कई पुल क्षतिग्रस्त हो गए इसके अलावा सैकड़ों गांव प्रभावित हुए है। जानकारी के अनुसार 7 जिलों में 1225 गांव सिंध की चपेट में सबसे अधिक प्रभावित हुए है। इनमे कई गांव ऐसे है जिनके हालात देखकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। प्रभावित हुए गांवों में घुटनों तक कीचड़ है। सैकड़ों घर तबाह हो चुके हैं औऱ घरों में रखा अनाज अंकुरित हो चुका है। सैकड़ों परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं।
3 अगस्त की रात सिंध का सैलाब इतना भयंकर था कि श्यामपुरा गांव की छत के ऊपरी हिस्सों से पानी बह रहा था। कई घर ढह गए, कई सामान समेत पालतू पशू इसकी चपेट में आने से बह गए। उस गांव की निवासी 48 साल की शांति ने कहा कि दो दिन से पेट में अन्न का दाना नहीं गया है। गांव में चीख-पुकार के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं देता है। बेघर हुए परिवार भविष्य की चिंता कर फफक-फफक कर रोते दिख रहे है। उनके हलक से पानी नहीं उतर रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि बोई गई फसल बर्बाद हो गई, सामान बाढ़ में बह गया कुछ लोगों के घर तहस-नहस हो गए अब आगे बच्चों का क्या होगा औऱ परिवार कैसे चलेगा ये अभी तक समझ नही आया है। इसके अलावा 65 वर्षीय राममूर्ति की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। घर पर बेटे नहीं है, पति बीमारी से ग्रसित हैं, घर खपरैल होने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया, सोचकर देखों कि इस परिवार में सब बर्बाद हो गया आगे की जिंदगी निराधार हो गई है। रोते-बिलखते लोग, क्षतिग्रस्त घर, मलबे में दबे सामान निकालते हुए लोगों का दृश्य देखकर किसी भी इंसान की आंखें भर आएंगी।
गौरतलब है कि श्यामपुरा खैर भिंड जिले में पड़ता है। यह दिल्ली से करीब 400 किमी दूरी पर होगा। 3 अगस्त की रात श्यामपुरा समेत 1225 गांव बाढ़ के कहर में फंस गए थे। इसमें भिंड के 50 गांव शामिल है। बता दें कि 1 से 9 अगस्त के बीच आने वाली बाढ़ की मुख्य वजह घनघोर बारिश और बांधों का ओवरफ्लो है। मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह ने मीडिया वार्ता में 4 अगस्त को बताया कि 7 जिलों के 1225 गांव प्रभावित हुए हैं। बचाव अभियान में एनडीएरएफ, एयरफोर्स, औऱ एसडीआरएफ के साथ पुलिस को भारी संख्या में तैनात किया गया है। ज्ञात हो, बाढ़ की चपेट में मध्यप्रदेश के साथ यूपी, बिहार, उत्तराखंड और बंगाल भी शामिल हैं।