मैरिटल रेप क्या होता है, भारत में क्यों है गैरकानूनी?

ऋतुराज, आईआईएमटी न्यूज़ डेस्क, ग्रेटर नोएडा



आईपीसी की धारा 375 के अनुसार मैरिटल रेप अपराध नहीं, एक तरह का अपवाद है। मैरिटल रेप का अर्थ होता है कि अगर पत्नी की उम्र 18 साल से अधिक है तो पुरुष का अपनी पत्नी के साथ सेक्शुअल इंटरकोर्स रेप नहीं माना जाएगा। भले ही पुरुष ने जोर जबर्दस्ती या पत्नी की इच्छा के खिलाफ इंटरकोर्स किया हो। इंटरनेशनल सेंटर फॉर वुमेन एंड यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड के अनुसार बताया गया है कि भारत के एक-तिहाई पुरूषों ने खुद भी माना है कि वह अपनी पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाते हैं। मैरिटल रेप को 151 देशों में अपराध माना गया है। भारत के 28 राज्यों में 10 प्रतिशत महिला ने माना है कि उनके पति मजबूरन उनके साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं। कुछ महीनों पहले मुबंई से इसी तरह का एक केस सामने आया है। महिला ने कोर्ट से कहा कि उसकी तबियत खराब थी इसलिए पति को मना भी किया। उसके बावजूद भी पति ने जबरन उसके साथ संबंध बनाया। इसके कारण उसकी तबियत खराब हो गई। डॉक्टर ने बताया है कि उसे कमर के नीचे लकवा मार दिया है। इस सब के बाद पत्नी ने पति के खिलाफ मैरिटेल रेप का केस दर्ज कराया। 12 अगस्त 2021 को मुंबई सिटी एडिशनल सेशन कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि मैरिटल रेप भारत में अपराध नहीं है।
इसी तरह का दूसरा केस फरवरी 2015 में सुप्रीम कोर्ट में आया था जहां दिल्ली में काम करने वाली एक MNC एग्जीक्यूटीव ने अपने पति पर रेप का आरोप लगाया था। उन्होंने कोर्ट में पति के दुर्व्यवहार और जबरदस्ती करने का विवरण दिया था। उन्होंने आगे कहा कि वो मुझे अलग-अलग तरह से इस्तेमाल करता था। तबियत खराब होने के बावजूद भी टॉर्चर करता था और मुझे ये अच्छा नहीं लगता था। सुप्रीम कोर्ट ने इस लड़की के बयान को खारिज करते हुए कहा कि किसी एक महिला के लिए कानून में बदलाव करना मुमकिन नहीं हैं।
पोलैंड ने साल 1932 में मैरिटल रेप को अपराध की श्रेणी में शामिल कर दिया था। भारत के पड़ोसी देश भूटान में भी मैरिटल रेप अपराध है। कनाडा, साउथ अफ्रीका, आयरलैंड, मलेशिया,अमेरिका, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इजराइल जैसे देशों में भी मैरिटल रेप को अपराध माना जाता है जबकि भारत,पाकिस्तान,चीन और बांग्लादेश समेत 34 देशों में मैरिटल रेप को अपराध नहीं माना जाता है। शादीशुदा महिला के पास शारीरिक संबंध से बचने के लिए अबॉर्शन, तलाक और घरेलू हिंसा के खिलाफ रिपॉर्ट करने जैसे अधिकार हैं।