अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर कोरोना की आ सकती है तीसरी लहर, आईसीएमआर ने जताई चिंता

आईआईएमटी न्यूज डेस्क, ग्रेटर नोएडा




देश में बीते कई दिनों से लगातार कोरोना के मामलों में हो रही वृद्धि को लेकर आईसीएमआर ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। आईसीएमआर के मुख्य संक्रमाक रोग विशेषज्ञ डॉ समरीन पांडा ने कहा, अगस्त से देश में कोरोना की तीसरी लहर दिखाई दे सकती है। उन्होंने बताया कि आने वाली तीसरी लहर में कोरोना के मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होने के आसार हैं। इस लहर में रोजाना एक लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
वहीं, दूसरी तरफ डॉ पांडा ने कोरोना की दूसरी लहर के विषय में बात करते हुए बताया कि पिछली बार राज्यों के विधानसभा चुनाव और कोरोना के नियमों का उल्लंघन दूसरी लहर की बड़ी वजह साबित हुआ था लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। इस बार लोग लोगों का निश्चिंत होना, अनियंत्रित भींड़ और कोविड टीकाकरण पूरा होने से पहले सभी सार्वजनिक स्थानों को खोलना तीसरी लहर के मुख्य कारण बन सकते हैं।
गौरतलब है, देश में कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने इस बार पूरी तरह कमर कस ली है। खबरों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ाई के लिए जरुरी दवाओं का स्टॉक जमा करने का निर्णय लिया है। दूसरी लहर के दौरान उत्पन्न हुई दवाइयों और ऑक्सीजन की किल्लत से सीख लेते हुए केंद्र सरकार ने रेमेडिसिवर की पांच मिलियन शीशियों को खरीदने की योजना बना ली है। इसके साथ ही पैरासिटामॉल, एंटीबायोटिक दवाएं और विटामिन जैसी आम दवाओं को भी सरकार जमा करने की तैयारी कर रही है।
वहीं, बात करें राज्यों की तो उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर से राज्य को सुरक्षित रखने के लिए एहतियात बरतने शुरु कर दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक तीन फीसदी अधिक संक्रमण वाले राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दी गई है। और तो और चार दिन पहले की ही कोविड नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही यूपी में एंट्री मिल सकेगी। इसके अलावा कोरोना की दोनों खुराक ले चुके लोगों को यूपी आने के लिए किसी भी जांच की आवश्यकता नहीं होगी