25 भारतीयों के आतंकी संगठन से जुड़े होने पर एनआईए को शक

श्रुति सिंह,आईआईएमटी न्यूज़,ग्रेटर नोएडा



तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े के बाद जेल से सारे कैदियों को रिहा कर दिया गया था। इन कैदियों में काफी सारे खूंखार आतंकी शामिल थे। खबर है कि जेल से बाहर आने वाले कुछ कैदी आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। भारत में एनआईए(नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी) भी भागे हुए कैदियों की जांच करने में लगी हुई है। सूत्रों के मुताबिक 25 भारतीय नागरिक भी एनआईए के रडार पर हैं। बता दें, तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर कब्जे के बाद वहां कैद आरोपियों को रिहा कर दिया था जिसमें कई आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस के आतंकवादी और कुछ भारतीय शामिल थे। कुछ दिनों पहले काबुल गुरुद्वारे पर 25 मार्च 2020 को हुए आतंकी हमले में भारतीय नागरिक समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। जिसकी जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएसकेपी ने ली थी। एनआईए को शक है की हमलावरों में केरल का मुहसिन भी शामिल था, जिसके बाद से राष्ट्रीय जांच एजेंसी को अफ़ग़ानिस्तान में रहने वाले भारतीयों का आतंकी संगठन से संपर्क रखने पर शक हुआ है। एनआईए ने 1 अप्रैल 2020 को इस मामले पर केस भी दर्ज किया था और पिछले साल सितंबर 2020 को एनआईए की एक टीम इस हमले की जांच के लिए अफ़ग़ानिस्तान भी गयी थी। जांच में 25 भारतीयों के नाम सामने आएं हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे हैं और उनके आतंकी संगठन से जुड़े रहने की खबर है।