कोरोना को लेकर देश में स्थिति काफी खराब, अस्पतालों में लगे है लाशों के ढेर

आईआईटी न्यूज डेस्क, ग्रेटर नोएडा



देश में कोरोना के हर रोज रिकार्ड बन रहे हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी कर्नाटक, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश से भी बड़ी तादाद में कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। दूसरी तरफ बंगाल में भी चुनावों के बीच कोरोना ने रफ्तार पकड़ ली है। यूपी के लखनऊ में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। शहर के दो श्मशान स्थलों पर शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए लड़की तक कम पड़ गई इस दौरान मृत के परिवार वालों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद नगर निगम प्रशासन के दखल के बाद स्थिति सामान्य हुई। बैकुंठधाम पर 86 शव पहुंचे। इनमें कई संक्रमित थे जिनका अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह और लकड़ी से बैकुंठधाम पर अलग से बने स्थलों पर किया गया। जानकारी के अनुसार मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का दुकानदार अधिक पैसा वसूल कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के बीच पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों की रैलीयों में जमकर भीड़ इक्टठा हो रही है। जनसभा के दौरान लोग कोरोना नियमों का पालन कई नहीं कर रहे हैं। इसी कारण वहां पर भी कोरोना ने तेजी से पेर पसारना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाम में हालात बैकाबू होते जा रहे हैं। इस राज्य में मृत्यु दर 1.7 प्रतिशत हो गई है। कहने का मतलब है कि महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की स्थिति मृत्यु में एक जैसी है जो की भारत में तीसरे नंबर पर है। वहीं पड़ोसी राज्यों बिहार, झारखंड, असम और ओडिशा से तुलना करें, तो पश्चिम बंगाल में कोरोना मरीजों की तुलना में तेजी से इजाफा देखने को मिला है।
इस समय देश में हर रोज डेढ़ लाख से ज्यादा कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं। छत्तीसगढ की राजधानी स्थित डॉ. भीम राव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में कोविड शवों का ढेर लग गया है। यहां का आलम यह है कि स्ट्रेचर से लेकर फर्श तक अस्पताल परिसर में हर ओर नजर घुमाने पर शव ही शव नजर आ रहे हैं। हालात ये हैं कि अस्पताल में शवों को रखने के लिए जगह कम पड़ गई है। अस्पताल में फ्रीजर पूरी तरह फुल हैं, स्ट्रेचर से लेकर अस्पताल परिसर तक चारों ओर कोविड शव नजर आ रहे हैं। फिलहाल अस्पताल में जहां जगह दिख रही है, वहीं पर लाश को रखा जा रहा है।
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