क्यों मनाते हैं विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 2021, आइए जानते है इसका इतिहास

ऋतुराज,आईआईएमटी न्यूज़ डेस्क,ग्रेटर नोएडा



हर साल की तरह इस साल भी आज के दिन यानी 21 अगस्त को विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया जा रहा है।इस दिन का उद्देश्य बुजुर्गों को और भी ज़्यादा सम्मान और प्यार देना होता है। इसकी शुरूआत 1991 में की गई थी। साल 1990 में पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन को मनाने की घोषणा की थी। रोनाल्ड रीगन पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाने का प्रस्ताव पेश किया था।
बड़े बुजुर्गों को प्यार और सम्मान देने के साथ ही इस दिन लोगों को उनकी देखभाल और कल्याण के लिए जागरूक करना भी जरूरी होता है। वर्तमान समय में लोग व्यस्क नागरिकों को प्यार और आदर देने से कतराते हैं। बुजुर्ग व्यक्ति का घर में होना बहुत जरूरी हैं,इससे किसी भी काम में बाधाएं नहीं आती है। इनके रहने से हमेशा सही मार्गदर्शन और सही दिशा में प्रेरणा मिलती है। कई लोग लाख प्रयास के बाद भी जीवन में सफल नहीं हो पाते हैं ऐसे समय में बुजुर्गों का अनुभव, योग्यता और क्षमता काम आते हैं। बड़े बुजुर्गों के पास बैठने और बात करने से बहुत सी अच्छी-अच्छी बातें जानने को मिलती हैं जो हमारे जीवन में बहुत काम आती हैं। सफल लोग हमेशा बुजुर्गों की राय लेते हैं इससे उनके काम और भी आसान हो जाते हैं। भारतीय संस्कृति में बड़े बुजुर्गों का आदर सम्मान करना बहुत ही धार्मिक और पवित्र माना जाता है।
हालांकि इस दिन का बहुत महत्व है लेकिन हमें सिर्फ आज ही नहीं बल्कि हर दिन बड़े बुजुर्गों को मान सम्मान देना चाहिए। बता दूं कि विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस 2021 का थीम है-'Pandemics: Do They Change How We Address Age and Ageing'