तालिबान समर्थकों को याद रखना चाहिए देश का पीएम और प्रदेश का सीएम कौन है:- स्वतंत्र देव सिंह

आईआईएमटी न्यूज़ डेस्क, ग्रेटर नोएडा



अफगानिस्तान की सरज़मीं पर तालिबान का कब्ज़ा होते ही हिंदुस्तान में अलग ही खुशी कुछ लोगों के चहरों पर देखने को मिल रही है। देश में कई लोगों के दिल में आतंकवादी संगठन तालिबान के प्रति प्रेम उजागर होने लगा है जिसका नज़ारा कुछ लोगों के वक्तव्य में देखने को मिल भी रहा है। अक्सर अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों के चलते विवादों में घिरे रहने वाले समाजवादी पार्टी से सांसद शफीकुर्रहमान एक बार फिर इन दिनों चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, सपा सांसद को बोलते-बोलते कुछ आनाधिकृत चीज़े बोलने की आदत है जिसका प्रदर्शन उन्होंने मंगलवार को किया भी। संभल से सांसद शफीकुर्रहमान ने स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना तालिबानियों से कर दी है जिसके बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस विवादित बयान के चर्चा में आते ही उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बता दें, आतंकवादी संगठन तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए कब्ज़े को सांसद ने सही ठहराते हुए कहा है कि हिंदुस्तान में जब अंग्रेजों का शासन था और उन्हें हटाने के लिए हमने संघर्ष किया, ठीक उसी तरह तालिबान ने भी अपने देश को आजाद किया। इसके अलावा उन्होंने तालिबान की तारीफ करते हुए कहा है कि इस संगठन ने रूस, अमेरिका जैसे ताकतवर मुल्कों को अपने देश में ठहरने नहीं दिया। खैर, सपा सांसद यह भूल गए कि राज्य में सरकार भारतीय जनता पार्टी की है, जिसको उनकी यह टिप्पणी काफी नागंवार गुज़रने वाली है। ठीक ऐसा ही हुआ शफीकुर्रहमान के इस विवादित बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सपा सांसद से सार्वजनिक तौर पर मांफी की मांग की है।
वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा सांसद द्वारा कही गई बात की आलोचना की है। सीएम योगी ने कहा "मैं एक पार्टी के सांसद का वक्तव्य सुन रहा था। वह तालिबान का बड़ी बेशर्मी के साथ समर्थन कर रहे थे। यानी उनके बर्बर कृत्यों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा,ा, "हम संसदीय लोकतंत्र में बैठे हैं। कहां लेकर जा रहे हैं हम लोग। हम ऐसे कृत्यों का समर्थन कर रहे हैं जो मानवता के लिए कलंक हैं।"
इसी सिलसिले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी सपा सांसद के बयान की निंदा करते हुए तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि "समाजवादी पार्टी में कुछ भी हो सकता है। कुछ ऐसे लोग हैं जो जन गण मन नहीं गा सकते। कुछ तालिबान के समर्थक भी हो सकते हैं। कुछ अन्य लोग पुलिस द्वारा आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर आरोप लगा सकते हैं। यह तुष्टीकरण है।"
गौरतलब है, मामले के तूल पकड़ते ही संभल जिला प्रशासन ने सपा सांसद के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक ऐसे बयान देशद्रोह की श्रेणी में आते हैं इसलिए शफीकुर्रहमान के खिलाफ धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए, 295 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इतना होने के बाद भी यह मामला अभी यहीं थमने वाला नहीं था। ठीक ऐसा ही हुआ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने भी तालिबानी आतंकियों के पक्ष में बयान दे डाला है। उन्होंने तालिबान को अफगानिस्तान में जीत की मुबारकबाद दी है। इतना ही नहीं नोमानी ने तालिबान को सलाम करते हुए कहा कि हिंदी मुसलमान आपको सैल्यूट करता है। नोमानी के इस बयान के बाद विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर उनकी काफी आलोचना हो रही है। इसी बीच यूपी बीजेपी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने तालिबानियों का समर्थन करने वालों को खुली चुनौती दे डाली है। उन्होंने कहा है कि जो लोग आतंकवादियों के शुभचिंतक बन रहे हैं उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौन हैं।
वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मौलाना सज्जाद नोमानी के बयान से पल्ला झाड़ते हुए साफ किया है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान की राजनीतिक स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बोर्ड की ओर से एक ट्वीट किया गया है जिसमें लिखा है कि कुछ मीडिया चैनल बोर्ड के कुछ सदस्यों की निजी राय को बोर्ड का स्टैंड मानकर ग़लत बात पर बोर्ड को ज़िम्मेदार ठहरा रहे हैं। यह बात पत्रकारिता मूल्यों के विपरीत है।