सुरक्षाबलों पर टिप्पणी ममता बनर्जी को पड़ी भारी, चुनाव आयोग ने “कारण बताओ नोटिस” किया जारी

आईआईएमटी न्यूज डेस्क, ग्रेटर नोएडा



पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में सियासी दलों की उठा-पटक के बीच अब सुरक्षाबलों के जवानों को भी घसीट लिया गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय अर्धसैनिकबलों के जवानों के खिलाफ टिप्पणी की है। जिसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनसे 10 अप्रैल तक जवाब मांगा है। बता दें, 7 अप्रैल यानी बुधवार को दीदी ने बंगाल के कूच बिहार में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह और सुरक्षाबलों के जवानों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने गृह मंत्री पर आरोप लगाया कि उनके इशारों पर सीआरपीएफ के जवान सूबे में मतदाताओं को परेशान कर रहे हैं। वे महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और लोगों के साथ मारपीट करते हैं। उन्होंने आगे कहा, “ध्यान रखें कि मतदान के दौरान किसी की मौत न हो, सीआरपीएफ कर्मियों पर नजर रखें वे अभी ड्यूटी पर हैं”। इतना ही नहीं, सीएम ममता ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग तो प्रशासन चला रहा है।
“10 नोटिस भेजने पर भी मेरा एक ही जवाब रहेगा”- सीएम ममता बनर्जी
बंगाल चुनाव प्रच़ार के दौरान राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सुरक्षाबलों पर की गई टिप्पणी पर चुनाव आयोग ने सख्ती अपनाते हुए उन्हें 10 अप्रैल तक कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस पर दीदी ने पलटवार करते हुए कहा, “आप (चुनाव आयोग) चाहें तो मुझे दस कारण बताओ नोटिस भेज सकते हैं, लेकिन मेरा जवाब एक ही होगा। मैं हमेशा हिंदू, मुस्लिम वोटों के विभाजन के खिलाफ बोलती रहूंगी। मैं धार्मिक आधार पर मतदाताओं को बांटने के खिलाफ खड़ी रहूंगी”।
बीजेपी ने ममता पर लागाया “सांप्रदायिक आधार” पर वोट मांगने का आरोप
भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने ममता बनर्जी पर सांप्रदायिक आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया है। इसके लिए पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को शिकायत दी गई है। दरअसल, ममता बनर्जी ने बंगाल के हुगली में 28 मार्च को एक रैली को संबोधित करते हुए मुस्लिम मतदाताओं से अपील की थी कि अपना वोट बांटे नहीं। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालयों तक के लिए कन्याश्री छात्रवृत्ति है। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षाश्री है। सामान्य वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों के लिए एक्यश्री है और मैंने इसे दो करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को दिया है। मैं हाथ जोड़कर अपने अल्पसंख्यक भाई-बहनों से अपने मत शैतान को नहीं देने और अपने मत को बंटने नही देने की अपील करती हूं जिसने भाजपा से पैसे लिए हैं”।
गौरतलब है, भाजपा द्वारा की गई इस शिकायत पर चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दीदी से 48 घंटे में जवाब मांगा है।