सरकारी तामझाम और आम लोगों ने नहीं दिखाई इंसानियत, बेटे का शव ठेले पर ले जाने के लिए मजबूर हुआ पिता

आईआईएमटी न्यूज़ डेस्क, ग्रेटर नोएडा



मध्यप्रदेश के गुना एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने मानवता को शर्मशार कर दिया है। यह तस्वीर एक ऐसे बेबस पिता की है जो अपने मृत बेटे को एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण खुद उसकी लाश को ठेले पर खीचकर घर ले जाने पर मजबूर हो गया। इंसानियत और मानवता से आखें चुराने का यह मामला कुंभराज स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां सरकारी अस्पताल तो छोड़ो आम लोगों ने भी इंसानियत नहीं दिखाई। जानकारी के अनुसार गुना के रहने लाले नितेश की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। नितेश के पिता का कहना है कि डॉक्टरों ने मेरे बेटे को देखते ही मरा हुआ घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम कराने के बाद जब शव को घर ले जाने की बारी आई तो अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कोई भी वाहन उपलबध नहीं कराया। सबसे दुख वाली बात तो यह है जब नितेश के पिता ने दूसरे लोगों के डेड बाडी को घर ले जाने के लिए कहा तो सभी ने मना कर दिया। तब लाचार पिता ने एक हाथ ठेला किराये पर लिया और शव ले जाने लगा। सरकार और समाज का यह रवैया किसी को भी झकझोर देगा और किसी का भी इंसानियत से भरोसा उठने की लिए काफी है। नागरिक मंच कुंभराज ने जब यह होते हुए देखा तो उसने इस पर आपत्ति की। इसके बाद पुलिस ने एक ऑटो के जरिए शव को घर तक पहुंचाया। कुंभराज स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर महेश जाटव ने कहा है कि शव को ले जाने के लिए हमारे पास वाहन नहीं है, इसके लिए हमने पुलिस को बोल दिया था