जम्मू-कश्मीर को लेकर जर्मन चांसलर के सामने रोया पाकिस्तान

आईआईएमटी न्यूज, दिल्ली। भारत ने जब से जम्मू-कश्मीर से धारा-370 को खत्म किया है, तब से पाकिस्तान इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उठा रहा है। हांलाकि पाकिस्तान को किसी भी देश ने इस मुद्दे पर कोई सहयोग नहीं दिया है सिवाय चीन के। अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जर्मनी की चांसलर मार्केल से जम्मू-कश्मीर को लेकर बातचीत की है। फोन पर हुई बातचीत में इमरान खान ने मार्केल से कहा है कि भारत के जम्मू-कश्मीर से धारा- 370 खत्म करने के फैसले से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पडेगा।

इमरान ने मार्केल से अपील की है कि अंतराष्ट्रीय समुदाय की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इस पर तत्काल कार्रवाई करे। वहीं मार्केल ने कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर पर नजर बनाए हुए है। चांसलर ने तनाव को कम करने और मुद्दे को शांति पूर्ण तरीके से हल करने पर जोर दिया है। दूसरी तरफ भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा है कि यह हमारा आतंरिक मामला है और पाकिस्तान को भी इस सच्चाई को समझना होगा।



इसी मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी मालदीप के विदेश मंत्री के सामने जम्मू-कश्मीर का मामला उठाया है। कुरैशी ने मालदीप के विदेश मंत्री से इस मुद्दे को लेकर रचनात्मक भूमिका निभाने को कहा है। वहीं मालदीप के विदेश मंत्री ने कहा है कि धारा-370 को खत्म करना भारत का आतंरिक फैसला है।

कुरैशी को झटका देते हुए मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा कि मालदीव मानता है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के संबंध में भारत का फैसला उसका आंतरिक मामला है।। मालदीव के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा, 'मंत्री शाहिद ने टेलीफोन कॉल के लिए मंत्री कुरैशी को धन्यवाद दिया और कहा कि पाकिस्तान और भारत दोनों मालदीव के करीबी दोस्त और द्विपक्षीय साझेदार हैं और उन्होंने शांतिपूर्ण तरीकों से देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने के महत्व पर बल दिया।' इसके अलावा कुरैशी ने अपने जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ भी कश्मीर मुद्दे पर बात की है।