रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ईद-उल-अजहा के मौके पर देशवासियों, खासकर मुस्लिम समुदाय को बधाई दी। गुरुवार को जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा कि कुर्बानी का यह पवित्र त्योहार त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से सामाजिक सौहार्द और आपसी प्रेम बनाए रखने की अपील की।
मायावती ने कहा कि बसपा के चार बार के शासनकाल में प्रदेश में हर घर में बरकत, हर दिल में अमन और हर बस्ती में खुशहाली का माहौल था। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी सर्वसमाज हितैषी सरकार देने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश को फिर उसी दिशा में ले जाना चाहती है।
उन्होंने वर्तमान राजनीतिक माहौल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में नफरत की राजनीति बढ़ रही है और लोगों को धर्म तथा जाति के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है। मायावती ने कहा कि ईद का संदेश ऐसे समय में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यह भाईचारे और इंसानियत की सीख देता है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान देश के हर नागरिक को समान अधिकार देता है, चाहे उसका धर्म या जाति कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उस राजनीति के खिलाफ है जो मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों को बांटकर वोट मांगती है।
मायावती ने अपने संदेश में कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता और एकता में है। उन्होंने कहा कि देश में ईद, दिवाली और होली जैसे त्योहार मिलजुल कर मनाए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों से अमन, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भारत को मजबूत और एकजुट बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

