रोशनी शंकर (ग्रेटर नोएडा)
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत इस वर्ष बरेली जिले के लिए 910 शादियों का लक्ष्य रखा गया था। योजना के लिए 30 सितंबर तक कुल मिलाकर लगभग 3,800 आवेदन प्राप्त हुए। परंतु शुरुआती सत्यापन में ही लगभग 1,000 आवेदनों को फर्जी पाया गया, जिनमें कई दंपति वे थे जिनकी शादी पहले से ही हो चुकी थी।
सरकार की इस योजना में लाभार्थी दुल्हन के खाते में 60,000 रुपये, 25,000 रुपये उपहार सामग्री हेतु और 15,000 रुपये अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च के रूप में दिए जाते हैं, जिसमें 1,00,000 रुपये का प्रावधान रहता है। अधिकारियों का कहना है कि इसी आर्थिक लाभ को पाने के मकसद से कुछ जोड़ियाँ जानबूझकर या नियमों/शर्तों की जानकारी न होने के कारण आवेदन कर देती हैं। जांच टीमों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को योजना की पात्रता व शर्तों की जानकारी कम होने के कारण कई लोग अनजाने में आवेदन कर देते हैं, जबकि कुछ जानबूझकर सत्यता छुपाते हैं। ऐसे आवेदनों को सत्यापन के बाद खारिज कर दिया गया है और संबंधित फ़ाइल आगे की कार्रवाई व आवश्यक सूचनाओं के लिए संबंधित विभागों को भेजी जा रही है।
प्रशासन ने कहा है कि 19 नवंबर को प्रस्तावित सामूहिक विवाह समारोह की तैयारियाँ जारी हैं और केवल वैध एवं सत्यापित जोड़ों को ही कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही योजना की सूचनात्मक कवरेज बढ़ाने व सत्यापन प्रक्रिया को और कठोर करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुँच सके।
विशेष जानकारी: फर्जी आवेदन रोकने के लिए अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों और ग्राम पंचायतों से समन्वय बढ़ाने, आवेदन के साथ प्रमाण-पत्रों की कड़ी जाँच व बायो-डेटा सत्यापन की सलाह दी है।

