मीनाक्षी आईआईएमटी न्यूज, महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश जारी है। इसके कारण मुंबई में दो जगह भूस्खलन हुआ।मलबे में लोग दबे हुए हैं। बचाव के लिए एनडीआरएफ रवाना हो चुकी है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे और पुराना हाइवे भी बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, भारी बारिश देखते हुए कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं।मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बीच सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सभी विधायकों और नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि दीवार गिरने, भूस्खलन और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं अत्यधिक बारिश का परिणाम हैं, न कि प्रशासन की लापरवाही। उन्होंने बताया कि पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम और अन्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। मुंबई-पुणे मार्ग पर भूस्खलन के बाद यातायात तुरंत रोका गया और राहत कार्य जारी है। फडणवीस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और झरनों मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर पश्चिम रेलवे की सेवाओं पर पड़ा है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) विनीत अभिषेक ने बताया कि पालघर में पिछले 24 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे वसई, नालासोपारा और विरार क्षेत्र में जलभराव हो गया है। इसके कारण वसई-नालासोपारा-विरार के बीच लोकल ट्रेन सेवाएं सीमित संख्या में चलाई जा रही हैं। चर्चगेट से वसई रोड तक लोकल ट्रेनें 20-25 मिनट की देरी से चल रही हैं। वहीं, मुंबई आने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों को विरार से पहले रोका जा रहा है और कुछ ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है। साथ ही, रेलवे और स्थानीय प्रशासन मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।व पर्यटन स्थलों पर न जाने की अपील की। वहीं, कांग्रेस ने बारिश से हुई मौतों और हादसों की उच्चस्तरीय जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट को रेड अलर्ट में बदला गया। आईएमडी के मुताबिक, लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, फ्लैश फ्लड, नदियों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन का खतरा है। तेज हवाओं से पेड़ उखड़ सकते हैं, पुराने और जर्जर भवनों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, कोंकण तट पर समुद्र में ऊंची लहरें और खराब मौसम रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वही, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने, पेड़ों, जर्जर इमारतों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहने की अपील की है। नागरिकों को समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों में न जाने की सलाह भी दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में BMC हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थिति से निपटने के लिए BMC और अन्य सरकारी एजेंसियों के करीब 15,000 अधिकारी और कर्मचारी शहरभर में तैनात किए गए हैं।
भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र विधानसभा की गई स्थगित, मुंबई में IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

