मीनाक्षी आईआईएमटी न्यूज नीरज शर्मा मर्डर केस में एक नया खुलासा हुआ है, मृतिका नीरज के भाई ने बताया कि नीरज को पहले से ही शक हो गया था। जयपुर का एक दिल दहला देने वाले मामला जिसने पूरे भारत देश को चौका दिया है। जयपुर की आयुषी शर्मा ने अपने पिता की मृत्यु के बाद, अपने चाचा और चचेरी भाई के साथ मिलकर, फिरौती में सात लाख रुपये देकर अपनी ही माँ का कतल करवा दिया और वजह सिर्फ प्रॉपर्टी और सरकारी नौकरी जो उनके पिता के बाद उनकी मां को मिलने वाली थी। पुलिस की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले सच सामने आए है। आयुषी जो मात्र 23 साल की है और BA.LLB की डिग्री के आखिरी साल में है। सिर्फ प्रॉपर्टी और नौकरी मिलने के लालच ने आयुषी से ऐसा अपराध करवा दिया। पूरे केस की जाँच के दौरान और कुछ नए खुलासे भी हुए है, जैसे आयुषी ने पहले भी दो बार अपनी मां को मरवाने की कोशिश की थी। पहली बार थार गाड़ी से मरवाने की कोशिश से लेकर और दूसरी बार अपनी मां और भाई दोनों को घर में आग लगाकर जिंदा जलाने की कोशिश तक दोनों में ही आयुषी असफल रही लेकिन तीसरी बार जब नीरज शर्मा अपने बेटे को कोचिंग क्लासेज में छोड़कर वापिस लौट रही थी तब SUV गाड़ी ने नीरज को मौत के घाट उतार दिया और ये पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया। और आगे की तफ्तीश में पुलिस को और बहोत सारे राज सामने आ रहे है।
नीरज के भाई राकेश ने एफआईआर में बड़े सच से पर्दा उठाया है
FIR के मुताबिक करीब एक साल पहले अपने पति विजय कुमार शर्मा को खोने के बाद नीरज पूरी तरह टूट चुकी थीं। वे अपने 17 साल के दिव्यांग बेटे आर्यन वशिष्ठ के साथ रह रही थीं और लगातार अपने भाई राकेश के संपर्क में थीं। नीरज ने अपने भाई को कई बार फोन पर रोते हुए बताया था कि उनके घर में ही उनकी जान के दुश्मन बैठे हैं। नीरज ने आशंका जताई थी कि उनकी सास, जेठ का बेटा बलराम उर्फ रवि और खुद उनकी अपनी बेटी आयुषी शर्मा मिलकर उनकी हत्या कर सकते हैं।भाई राकेश ने पुलिस को बताया कि पति की मौत के बाद से ही ससुराल वाले नीरज पर लगातार संपत्ति, नौकरी और पैसों के लिए दबाव बना रहे थे। राकेश ने एफआईआर में सीधा आरोप लगाते हुए कहा है कि इसी लालच के चक्कर में नीरज को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान तैयार किया गया।

