सेवानिवृत्त न्यायाधीश भरत कश्यप ने की विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना
डॉ रामशंकर, ग्रेटर नोएडा। युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा में यूथ पार्लियामेंट–2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग करते हुए संसद की कार्यप्रणाली का जीवंत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री भरत कश्यप रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान और संसदीय परंपराओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता और संसदीय शैली में विचार रखने के प्रयास को सराहनीय बताया।
कार्यक्रम में आईआईएमटी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अमित राय ने विद्यार्थियों को संसद की कार्यप्रणाली तथा देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदार नागरिकता और राष्ट्रहित में सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम को डायरेक्टर जनरल डॉ. विकास धवन का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता और उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संसद की तर्ज पर हुई कार्यवाही
यूथ पार्लियामेंट में विद्यार्थियों ने सत्तापक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाते हुए विभिन्न राष्ट्रीय एवं समसामयिक मुद्दों पर चर्चा की। प्रश्न, बहस, तर्क-वितर्क और विधायी प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी विषय-वस्तु की समझ और संसदीय कौशल का प्रदर्शन किया।
यूथ पार्लियामेंट की स्पीकर शौर्या पांडे रहीं। उन्होंने सदन की कार्यवाही को संसदीय नियमों एवं मर्यादाओं के अनुरूप संचालित किया। कार्यक्रम के स्टूडेंट कोऑर्डिनेटर शौर्या पांडे और सोनू चौहान रहे। वहीं फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. रामशंकर एवं कुमारी ज्योति ने आयोजन के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभाग के डीन प्रो. विकास मिश्रा एवं हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. वैभव उपाध्याय ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
आईआईएमटी ग्रुप के विभिन्न कॉलेजों की सहभागिता
यूथ पार्लियामेंट में आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी तथा कॉलेज ऑफ लॉ के विद्यार्थी शामिल रहे।
कार्यक्रम में रूलिंग पार्टी के नेता सोनू चौहान तथा लीडर ऑफ अपोजिशन प्रखर रहे। विद्यार्थियों ने पक्ष और विपक्ष की भूमिका में विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए सदन में स्वस्थ एवं तथ्यपरक बहस का वातावरण बनाया।
बेस्ट पार्लियामेंटेरियन और बेस्ट डिबेटर का चयन
प्रतिभागियों के प्रदर्शन, संसदीय अनुशासन, विषय की समझ, तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता और सदन में सहभागिता के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों का चयन किया गया।
बेस्ट पार्लियामेंटेरियन के रूप में प्रकाश पाण्डेय एवं आस्था शर्मा का चयन किया गया।
अपोजिशन पार्टी के बेस्ट डिबेटर के रूप में प्रखर, अल्तमाश हुसैन एवं मंगलम ठाकुर चयनित हुए, जबकि रूलिंग पार्टी के बेस्ट डिबेटर के रूप में दिव्यांश, श्रेयश पाण्डेय एवं माधवी का चयन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन साजिया ने प्रभावी ढंग से किया।
प्रतिभागियों और वॉलंटियर्स को दिए गए प्रमाणपत्र
कार्यक्रम के समापन अवसर पर यूथ पार्लियामेंट में शामिल सभी प्रतिभागियों तथा आयोजन में सहयोग करने वाले सभी वॉलंटियर्स को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रमाणपत्र प्राप्त करते हुए विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि प्रमाणपत्र विद्यार्थियों की सहभागिता और उनके सीखने के अनुभव को औपचारिक रूप से मान्यता देने के साथ-साथ भविष्य में उन्हें ऐसे रचनात्मक एवं शैक्षणिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में आईआईएमटी के विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने संसदीय अनुशासन, तार्किक संवाद, तथ्यपरक विचार और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का प्रभावी प्रदर्शन किया।
यूथ पार्लियामेंट–2026 का आयोजन विद्यार्थियों के लिए सीख, संवाद, नेतृत्व और लोकतांत्रिक सहभागिता का महत्वपूर्ण मंच बना। कार्यक्रम ने युवाओं को संसदीय व्यवस्था को समझने के साथ-साथ देश के समसामयिक मुद्दों पर जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ विचार रखने का अवसर प्रदान किया।

