नियमितीकरण की मांग पर अड़े आउटसोर्सिंग कर्मचारी, कहा- मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
रामशंकर, आईआईएमटी न्यूज, ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को छठे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के कारण संस्थान का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है। इस बीच प्रशासन और हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से संस्थान में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि वर्षों से लगातार काम करने के बावजूद उनकी नौकरी असुरक्षित बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शनिवार को भी कर्मचारियों ने संस्थान परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
दूसरी ओर, संस्थान प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को उच्च स्तर पर पहुंचाया गया है और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील की है ताकि मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर कम हो सके। हालांकि कर्मचारियों ने फिलहाल अपना आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है।
हड़ताल के चलते संस्थान की कई व्यवस्थाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं और सरकार तथा प्रशासन से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। उनका आरोप है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिल रही हैं।
उधर, हड़ताल के लगातार छठे दिन में प्रवेश करने के बाद मामला अब और गंभीर होता दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों और प्रशासन के बीच वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलने से गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में सभी की निगाहें आगामी बातचीत पर टिकी हैं, जिससे इस विवाद का समाधान निकल सके।
फिलहाल जिम्स में हड़ताल जारी है और कर्मचारी नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली वार्ता इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

