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गाजियाबाद में मदरसा सील, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; मांस फेंकने की घटना के बाद जांच तेज

अंकित शर्मा, आईआईएमटी न्यूज। गाजियाबाद। इंदिरापुरम क्षेत्र के कनावनी गांव स्थित एक मदरसे को शनिवार को प्रशासन ने सील कर दिया। यह कार्रवाई उस घटना के कुछ दिन बाद की गई है, जिसमें मदरसे में पढ़ने वाले दो नाबालिग बच्चों को हिंडन नदी में कथित रूप से मांस फेंकते हुए पकड़ा गया था। घटना के बाद प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।

जानकारी के अनुसार, जामिया कुल्फा ए राश्दीन ट्रस्ट के अधीन संचालित यह मदरसा वर्ष 2008 से चल रहा है। शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और मदरसे को सील करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी।

प्रशासनिक अधिकारियों ने मदरसे से संबंधित दस्तावेजों और संचालन की वैधता की जांच के बाद यह कदम उठाया। हालांकि अधिकारियों की ओर से सीलिंग की विस्तृत वजहों पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

वहीं, ट्रस्ट के सचिव अल्ताफ हुसैन ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मदरसे को सील करने से पहले न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही उनसे दस्तावेज मांगे गए। उन्होंने दावा किया कि मदरसा पिछले 18 वर्षों से संचालित हो रहा है और उसके पास संचालन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं।

अल्ताफ हुसैन के अनुसार, प्रशासन को यदि किसी प्रकार की जानकारी या रिकॉर्ड की आवश्यकता थी तो उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना की गई कार्रवाई से संस्था और वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दो नाबालिग बच्चों को हिंडन नदी में मांस फेंकते हुए पकड़े जाने का मामला सामने आया था। जांच के दौरान बच्चों का संबंध इसी मदरसे से बताया गया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की थी।

मदरसा सील होने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भी चर्चा का माहौल है। कई अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता जताई है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून और नियमों के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। वहीं ट्रस्ट प्रबंधन ने कहा है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखेगा।

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