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कोचिंग हमला मामले में खान सर फिलहाल नहीं करेंगे सरेंडर, 8 जून को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करेंगे

सचिन रॉय, आईआईएमटी न्यूज। पटना। चर्चित शिक्षाविद और प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञ खान सर से जुड़े कोचिंग हमला एवं कथित फायरिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। खान सर के अधिवक्ता ने स्पष्ट किया है कि उनके मुवक्किल फिलहाल पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे। इसके बजाय 8 जून को अदालत में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) के लिए याचिका दायर की जाएगी।

वकील के अनुसार, मामले में कानूनी सलाह लेने के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कानून सभी नागरिकों को अपने बचाव का अवसर देता है और खान सर भी न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हुए कानूनी उपायों का सहारा लेंगे। अधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल सरेंडर करने की कोई योजना नहीं है और अदालत से अग्रिम जमानत की मांग की जाएगी।

गौरतलब है कि हाल ही में पटना में स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुए हमले और फायरिंग से जुड़े मामले में खान सर का नाम चर्चा में आया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

खान सर देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के बीच उनकी बड़ी पहचान है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उनकी व्यापक पहुंच है। ऐसे में उनके नाम से जुड़े किसी भी मामले पर छात्रों और आम लोगों की विशेष नजर रहती है।

वकील ने कहा कि मीडिया में चल रही कई खबरें तथ्यों से परे हैं और मामले को कानूनी रूप से देखा जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत में सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की।

इस बीच मामले को लेकर छात्र समुदाय में भी चर्चा बनी हुई है। खान सर के समर्थकों का कहना है कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और अदालत में सच्चाई सामने आएगी। वहीं, दूसरी ओर मामले की जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अग्रिम जमानत एक ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी की आशंका होने पर अदालत से पहले ही राहत मिल सकती है। यदि अदालत याचिका स्वीकार कर लेती है तो संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तारी से संरक्षण मिल सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और दलीलों के आधार पर ही लिया जाता है।

अब सभी की निगाहें 8 जून पर टिकी हैं, जब खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे की कानूनी दिशा क्या होगी।

फिलहाल खान सर की ओर से सरेंडर नहीं करने और अग्रिम जमानत का रास्ता अपनाने के फैसले ने मामले को नई चर्चा दे दी है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट इस प्रकरण की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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