रामशंकर, आईआईएमटी। सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि राज्य में असम मॉडल की तर्ज पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बांग्लादेश सीमा पर कड़ी निगरानी, तेजी से बाड़बंदी और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सुवेंदु अधिकारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।
असम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में जिस तरह सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई की गई, उसी तरह का मॉडल बंगाल में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि असम और त्रिपुरा ने सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय का सफल उदाहरण पेश किया है और भाजपा अब बंगाल में भी उसी दिशा में काम करेगी।
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पूर्वोदय’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा-शासित पूर्वी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। उनका कहना था कि सीमा सुरक्षा केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। इसलिए पूर्वी राज्यों को मिलकर इस चुनौती से निपटना होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती All India Trinamool Congress सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण सीमा सुरक्षा को कमजोर किया। सुवेंदु ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक सीमा पर बाड़ नहीं लग सकी है, वहां जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को जानबूझकर धीमा रखा गया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद इस प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी और 45 दिनों के भीतर सीमा बाड़बंदी के लिए आवश्यक जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय और बीएसएफ को सौंप दी जाएगी।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल में अवैध घुसपैठ केवल सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक संतुलन का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों के कारण स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ा है और कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। भाजपा नेता ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में नागरिकों की सुरक्षा और सीमाओं की मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
उन्होंने असम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वहां अवैध घुसपैठ के खिलाफ सख्त नीतियों के कारण सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। सुवेंदु ने हिमंत बिस्वा सरमा को अपना मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि असम ने जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर निर्णायक कदम उठाए हैं, उससे पूरे देश को सीख लेनी चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को देखते हुए भाजपा सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुख चुनावी एजेंडा बना सकती है। भाजपा लंबे समय से राज्य में अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाती रही है और अब असम मॉडल का उल्लेख कर उसने अपने इरादे और स्पष्ट कर दिए हैं।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए इसे चुनावी ध्रुवीकरण की राजनीति बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा राज्य में डर और विभाजन का माहौल बनाना चाहती है। इसके बावजूद सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ का मुद्दा आने वाले समय में बंगाल की राजनीति में और अधिक गर्माने की संभावना है।

