मीनाक्षी जागलान आईआईएमटी न्यूज दिल्ली पुलिस में ट्रैफिक यूनिट की कमान वर्ष 2007 में रिटायर हो चुके आईपीएस अफसर कमर अहमद संभालते थे। उस समय दिल्ली में आईटीएमएस को लागू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। वह रिटायर हो गए और ये सिस्टम का प्रस्ताव पेंडिंग रहा। इसके बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दो बार प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा गया था। हालांकि दोनों बार केंद्र सरकार से रिजेक्ट कर दिया गया। कहा जा रहा था कि प्रपोजल ठीक से तैयार नहीं किया गया था। इस कारण रिजेक्ट किया गया था। वर्ष 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने फिर नया प्रपोजल तैयार करना शुरू किया। इसके अलावा आईआईटी दिल्ली, सीआरआरआई, एसपीए आदि संस्थाओं का सहयोग लिया। इस प्रपोजल के तहत 42 कॉरिडोर की पहचान की गई। इस 42 कॉरिडोर पर 82 कैमरे लगए गए। इसके बाद स्टडी की गई। स्टडी में देखा गया कि राजधानी में किस जगह पर ई-रिक्शा ज्यादा हैं,कहां पैदल यात्री ज्यादा चलते हैं, कहां चार पहिया वाहन आते हैं और कहां किस तरह के वाहन आते हैं।इस बार दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पूरी स्टडी, आंकड़ों व कैमरों के रिजल्ट को लेकर प्रपोजल तैयार किया गया। जोरदार पैरवी की गई। इसका नतीजा ये निकला कि केंद्र सरकार ने आईटीएमएस को मंजूरी दे दी।
दिल्ली ट्रैफिक को अब एआई करेगा कंट्रोल, आईटीएमएस को मिली सरकार की मंजूरी

