विवाह के शुभ मुहूर्त सबसे अधिक मई में..

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निधि वर्मा। 14 अप्रैल को खरमास को खरमास हो जाएगा, और अब डेढ़ माह बाद विवाह की शहनाइयां गूंजेगी। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 14 अप्रैल  के बाद लेकर 10 जुलाई तक फिर से शादी के कई शुभ मुहूर्त निकल रहे हैं। 10 जुलाई को देव शयनी एकादशी प्रारंभ होने  जा रही है, जो 4 नंवबर देवोत्थानी एकादशी तक रहेगी। मालूम हो कि इस बीच मई  के महीने में विवाह के सबसे अधिक मुहूर्त हैं। सनातन परंपरा के मुताबिक मई में विवाह के कुल 19 शुभ मुहूर्त हैं। इसके जून में 17, जुलाई में 9, नवंबर में 5 और दिसंबर में 9 तिथियों को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।

14 मार्च से मीन राशि में सूरेय ग्रह प्रवेश कर गया। एसी स्थिति में 14 अप्रैल तक इसी राशि में रहने के कारण खरमास लगा हुआ है। ऐसे में शादी-समरेह समेत सभी मांगलिक कार्य नही हो सकेंगे, लेकिन 15 अप्रैल से फिर शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। मालूम हो कि 22 फरवरी से 24 मार्च के बीच गुरू बृहस्पति अस्त रहे तो इस दौरान शादी विवाह समेत सभी शुभ कार्य वर्जित थे। इसके बाद 25 मार्च से होलाष्टक लग गया, जिससे सूर्य के मीन मलमास शुरू गए। ऐसे में अब विवाह के मुहूर्त 15 अप्रैल से शुरू हो रहे हैं, ऐसे में लोग इन शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही योजना बनाए।

जानकारी हो कि इसके बाद चतुर्मास के संपन्न होने के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में विवाह के पांच शुभ मुहूर्त हैं। 10 जुलाई को देव शयनी एकादशी आरंभ होने जा रही है, जो 4 नवंबर देवोत्थानी एकादशी तक रहेगी। सनातन परंपरा के मुताबिक इस अवधि के बीच सभी देवी-देवता शरान में होते हैं। इस कारण इस बीच विवाह का कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है। इस चतुर्मास के संपन्न होने के बाद नवंबर के अंतिम सप्ताह में विवाहhttps://iimtnews.com/gomti-chakra-will-bring-happiness-in-your-life/ के पांच शुभ मुहूर्त हैं।