गाजियाबाद की कैमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग

फैक्ट्री

औद्योगिक क्षेत्र में आए दिन हो रहीं आगजनी की भीषण घटनाओं से फैक्ट्री संचालक कोई सबक नहीं ले रहे हैं। इसी का नतीजा है कि औद्योगिक क्षेत्र एक बार सुलग उठा। हापुड़ जिले के धौलाना में केमिकल फैक्ट्री में लगी आग के चलते भयावह स्थिति पैदा हो गई। फेज टू-जी ब्लाक में संचालित ऑर्गनो केम फैक्ट्री में लगी भीषण आग पर काबू पाने के दौरान दो मजदूर झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए दिल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने के लिए करीब 10 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।


भीषण आग ने जमकर कहर बरपाया। फैक्ट्री में काम करने वाले खिचरा के संजीव पुत्र जसवीर और अनुभव पुत्र सुनील बुरी तरह झुलस गए। मजदूरों को आनन-फानन दिल्ली स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। केमिकल फैक्ट्री से सटी जूट फैक्ट्री संख्या जी-373 भी जलकर तबाह हो गई। जबकि फैक्ट्री संख्या 377, 386, 387, 388 में टीन शेड समेत अन्य नुकसान हुआ है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर सर्किट बताया जा रहा है। फैक्ट्री के मालिक से इस संबंध में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो पाई।


एमजीआर इंड्रस्ट्रियल एसोसिएशन अध्यक्ष दीपक शर्मा का कहना है कि आए दिन आगजनी की भयानक घटनाएं दिल दहलाती हैं। बेतरतीब बसी यूपीएसआईडीसी में आग लगने के दौरान दमकल वाहनों को घंटों मौके तक पहुचने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।


मसूरी-धौलाना मार्ग पर स्थित यूपीएसआईडीसी एरिया में करोड़ों का राजस्व देने वालीं सैकड़ों फैक्ट्रियां बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रही हैं। उद्यमियों को होने वाली परेशानियों से शासन-प्रशासन बेखबर है। आग पर काबू पाने के साधन से कोसों दूर इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 1250 फैक्टरिया संचालित हैं। क्षेत्र में करीब 125 ऐसी फैक्ट्री हैं, जिनमें बॉयलर लगे हुए हैं।

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