कितना मिलता है परमवीर चक्र से सम्मानित योद्धाओं को भत्ता

चक्र

बालाकोट एयर स्ट्रावक के पाकिस्तादन के F-16 लड़ाकू विमान गिराने भारतीय वायुसेना में पूर्व विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसी तरह आर्मी के सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। जबकि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढोंढियाल को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। शहीद नायाब सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।


भारत में वीरता पुरस्काेरों को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है। इसमें एक तो स्वतंत्रता पूर्व वीरता पुरस्कार है और दूसरा स्वतंत्रता के बाद के वीरता पुरस्कार हैं। स्वतंत्रता पूर्व वीरता पुरस्कारों में इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट, मिलिट्री क्रॉस आदि शामिल हैं जबकि स्वतंत्रता के बाद वीरता पुरस्कारों में कई मेडल को शामिल किया गया। इसमें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र, अशोक चक्र आदि शामिल हैं।


ये पुरस्काआर उन सैनिकों को दिए जाते हैं जिन्होंिने अपनी जान की परवाह किए बगैर देश की रक्षा की और दुश्मानों के छक्के छुड़ा दिए। इन मेडल में कई देश की सेवा करते हुए शहीद जवानों के परिवार वालों को दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों में उनके साथ एक भत्ता भी दिया जाता है। पहले इस भत्तेा में दी जाने वाली मदद काफी कम थी, जिसे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय की ओर से साल 2017 में बढ़ा दिया गया था। परमवीर चक्र –पहले रु. 10,000/- प्रति माह — अब रु. 20,000/-प्रति माह, अशोक चक्र– पहले रु. 6,000/- प्रति माह — अब रु. 12,000/- प्रति माह, महावीर चक्र– पहले रु. 5,000/- प्रति माह — अब रु. 10,000/- प्रति माह, कृति चक्र– पहले रु. 4,500/- प्रति माह — अब रु. 9,000/- प्रति माह, वीर चक्र– पहले रु. 3,500/- प्रति माह — अब रु. 7,000/- प्रति माह, शौर्य चक्र– पहले रु. 3,000/- प्रति माह — अब रु. 6,000/- प्रति माह, सेना पदक– पहले रु। 1,000/- प्रति माह — अब रु. 2,000/- प्रति माह मिलती है।

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