ऑनलाइन गेम खेलने वाले रहे सावधान, हैक हो सकता है आपका अकाउंट

ऑनलाइन गेम

अगर आप ऑनलाइन गेम खेलते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 5 में से चार यूजर्स साइबरअटैक का सामना करने करते हैं। यूजर्स को हजारों रुपयों का चूना लगाया जा रहा है. नॉर्टन लाइफलॉक की एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि हैं, 4 में से 3 गेमर्स अपने गेमिंग अकाउंट पर साइबर हमले का अनुभव करते हैं, और 5 में से कम से कम 4 गेमर्स को औसतन कम से कम 7,894 रुपये का नुकसान होता है।
ऑनलाइन गेम खेलने वाले 703 भारतीय एडल्ट्स पर टेस्ट किया गया और हैरिस पोल ने “स्पेशल रिलीज़ – गेमिंग एंड साइबर क्राइम” टाइटल वाली एक रिपोर्ट शेयर की. जहां उन्होंने बताया कि कि गेमर्स खुद ऐसी सिक्योरिटी को दांव पर लगाकर ऐसा कदम उठाते हैं, ताकि वो कॉम्पिटीशन में बने रहें. पता चला, 5 में से 2 भारतीय गेमर्स (42 प्रतिशत) का कहना है कि यदि वे जानते हैं कि यह उन्हें एक कॉम्पेटेटिव एडवांटेज देगा, तो उनके मित्र, परिवार के सदस्य या रोमांटिक पार्टनर के अकाउंट को हैक कर सकते हैं।
इसके अलावा, 56 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स ने कहा कि वे खुद को कॉम्पेटेटिव एडवांटेज देने के लिए खेल में खामियों या बग का फायदा उठाने की संभावना रखते हैं, और 5 में से लगभग 2 या अधिक दूसरे यूजर के गेमिंग खाते पर कब्जा करने के लिए भुगतान करने पर विचार करेंगे (48 प्रतिशत) , उनके गेमिंग अकाउंट या गेमिंग डिवाइस (46 प्रतिशत) में चीट्स इंस्टॉल करना, या किसी रैंडम प्लेयर (39 प्रतिशत) के गेमिंग अकाउंट को हैक करना भी शामिल है।
इसके अलावा, 5 में से 2 गेमर्स (41 प्रतिशत) को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा से समझौता करने के लिए धोखा दिया गया है, या तो गेमिंग डिवाइस पर मैलवेयर डाउनलोड करना (28 प्रतिशत) या ऑनलाइन अकाउंट जानकारी शेयर करने में धोखा दिया जा रहा है।

अगर आप ऑनलाइन गेम खेलते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 5 में से चार यूजर्स साइबरअटैक का सामना करने करते हैं। यूजर्स को हजारों रुपयों का चूना लगाया जा रहा है. नॉर्टन लाइफलॉक की एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि हैं, 4 में से 3 गेमर्स अपने गेमिंग अकाउंट पर साइबर हमले का अनुभव करते हैं, और 5 में से कम से कम 4 गेमर्स को औसतन कम से कम 7,894 रुपये का नुकसान होता है।


ऑनलाइन गेम खेलने वाले 703 भारतीय एडल्ट्स पर टेस्ट किया गया और हैरिस पोल ने “स्पेशल रिलीज़ – गेमिंग एंड साइबर क्राइम” टाइटल वाली एक रिपोर्ट शेयर की. जहां उन्होंने बताया कि कि गेमर्स खुद ऐसी सिक्योरिटी को दांव पर लगाकर ऐसा कदम उठाते हैं, ताकि वो कॉम्पिटीशन में बने रहें. पता चला, 5 में से 2 भारतीय गेमर्स (42 प्रतिशत) का कहना है कि यदि वे जानते हैं कि यह उन्हें एक कॉम्पेटेटिव एडवांटेज देगा, तो उनके मित्र, परिवार के सदस्य या रोमांटिक पार्टनर के अकाउंट को हैक कर सकते हैं।
इसके अलावा, 56 प्रतिशत रेस्पॉन्डेंट्स ने कहा कि वे खुद को कॉम्पेटेटिव एडवांटेज देने के लिए खेल में खामियों या बग का फायदा उठाने की संभावना रखते हैं, और 5 में से लगभग 2 या अधिक दूसरे यूजर के गेमिंग खाते पर कब्जा करने के लिए भुगतान करने पर विचार करेंगे (48 प्रतिशत) , उनके गेमिंग अकाउंट या गेमिंग डिवाइस (46 प्रतिशत) में चीट्स इंस्टॉल करना, या किसी रैंडम प्लेयर (39 प्रतिशत) के गेमिंग अकाउंट को हैक करना भी शामिल है।


इसके अलावा, 5 में से 2 गेमर्स (41 प्रतिशत) को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा से समझौता करने के लिए धोखा दिया गया है, या तो गेमिंग डिवाइस पर मैलवेयर डाउनलोड करना (28 प्रतिशत) या ऑनलाइन अकाउंट जानकारी शेयर करने में धोखा दिया जा रहा है।